12/10/2022
क्यूं परेशान हो
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क्यूं परेशान हो तुम, कभी हंसकर तो देखो
मैं देख रही सिर्फ तुझको, मुड़कर तो देखो
गुज़रे लम्हों की छांव में, सुकून दो मन को
इन खूबसूरत नजारों को, ज़रा गौर से देखो
किसी ने सच कहा है, हर हाल में जीना सीखो
अपनी पुरानी आदत से, मिलना कभी सीखो
वक्त है बड़ी शातिर,इसकी नजाकत को समझो
और कहा है करवी बातें, मौन से सुनना सीखो।।
पूनम झा
११/१०/२०२२