12/12/2018
गीदड़ों के झुण्ड से न शेर का शिकार हो
फर्जी रक्षको का कोई न अब हम पर बार हो
नफरते तो तुम्हारे लिए लोग दिल में पालेंगे
चार कुत्ते मिलकर एक शेर मार डालेंगे
ज़ालिमों के दिल अब दया न माफी है
इनके लिए बस तुम्हारा मीम होना काफी है
कल क्या होगा यह तुम्हे यह बताने आया हूँ
सोये हुए शेर को जगाने आया हूँ