13/08/2025
जेब की तरफ जिन का ध्यान हो वह किसी का क्या भला यहाँ कर पायेगा।
जीवन की सराय में रहकर जो इन्सान दूसरे इन्सान का दर्द समझे।
वही यहाँ सज्जन मानस कहलायेगा।
पैसा ले कर इन्सान कहाँ तक, यहाँ दोड लगायेगा।
सुना है जो कफन का पहनावा, इन्सान पहनकर इस नश्वर संसार को छोड जाता है।
उस कफन में कोई जेब होती नही ।
वह पैसा जो उसने जीवन में छीना पट्टी कर के एकत्रित किया होता है, वह सब यही रह जाता है।
उसके पूत, कपूत बनते देखे हैं हमने।
उसके एकत्रित पैसे से ऐशो आराम करते हैं।
जिसने जमा किया होता है वह हाथ पसारे बिना हिले डुले यह दुनिया छोड़ जाता है।